अगर मेरा पार्टनर हिंसक है तो मैं पुलिस में शिकायत कैसे दर्ज करूँ?
अगर आप या आपका कोई अपना हिंसा का सामना कर रहा है, तो पुलिस से जुड़ना एक अहम क़दम लग सकता है। पुलिस की कार्रवाई कई बार जान बचा सकती है या आपको सुरक्षा और मदद से जोड़ सकती है।
पुलिस के पास जाने का सोचना मुश्किल लग सकता है। क़ानून साथ होने के बावजूद, प्रक्रिया कई बार धीमी या मुश्किल होती है।इसमें यह ख़तरा भी रहता है कि पार्टनर से धमकियाँ या बदला लेने की कोशिश हो। ऐसे में आपको शिकायत वापस लेने, “समझौते” के लिए मान जाने या चुप रहने का मन हो सकता है। यह भी ठीक है। सबसे पहले आपकी सुरक्षा है। मदद तभी लें जब आप तैयार महसूस करें। घबराहट, डर या यह चिंता होना कि लोग आपको गलत समझेंगे या विश्वास नहीं करेंगे, बिल्कुल सामान्य है। लेकिन याद रखें — हिंसा कभी भी आपकी ग़लती नहीं होती।
आपको शिकायत दर्ज कराने का हक़ है, चाहे आप शादीशुदा हों, लिव-इन/live-in में हों, या किसी घरेलू रिश्ते में। शिकायत करने की कोई समय सीमा नहीं है।आप उसी दिन आ सकती हैं, या चाहें तो हफ़्तों या महीनों बाद भी शिकायत कर सकती हैं। इसके लिए आपको क़ानूनी जानकारी या वकील की ज़रूरत नहीं, आपकी अपनी बातें ही काफ़ी हैं। किसी भी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज हो सकती है, जिसे “Zero FIR” कहा जाता है, भले ही घटना कहीं और हुई हो। आप महिला पुलिस अधिकारी से शिकायत दर्ज करने की माँग कर सकती हैं। आपको अकेले जाने की ज़रूरत नहीं, आप किसी भरोसेमंद दोस्त, परिवारजन या सपोर्ट पर्सन के साथ जा सकती हैं। आपको अपनी शिकायत की एक मुफ़्त कॉपी लेने का भी हक़ है।
इस दौरान आपसे कठिन सवाल पूछे जा सकते हैं या देर हो सकती है, लेकिन हर क़दम पर आपको सुरक्षा, सम्मान और सहारा पाने का अधिकार है। आपको किसी भी तरह से समझौते के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
पूरी जानकारी और अपने अधिकार जानने के लिए पूरा [पुलिस शिकायत दर्ज करने का गाइड] पढ़ें।