हिंसक या असुरक्षित रिश्ते के संकेत कैसे पहचानें?

हर रिश्ता अलग होता है, लेकिन हर रिश्ते में सम्मान और बराबरी होनी चाहिए।


स्वस्थ रिश्तों में मतभेद तो होते हैं, लेकिन उन्हें किस तरह संभाला जाता है, यह सबसे ज़रूरी है। रिश्ता आपसी, सुरक्षित और सम्मानजनक होना चाहिए। आपको कभी डर या चुप कराए जाने जैसा महसूस नहीं होना चाहिए। स्वस्थ रिश्तों में, मतभेद बढ़ने और सीखने का मौक़ा होते हैं, न कि एक-दूसरे को तोड़ने का।

स्वस्थ रिश्ते में, आप और आपका साथी:

  • ईमानदार होते हैं
  • बराबरी से पेश आते हैं
  • भरोसा करते हैं
  • अपनी सोच और चिंता साझा करते हैं
  • बिना डर के एक-दूसरे को सुनते हैं
  • एक-दूसरे के फ़ैसलों और सपनों का साथ देते हैं
  • साथ समय बिताते हैं और अपनी व्यक्तिगत जगह भी रखते हैं
  • नई चीज़ें आज़माने के लिए एक-दूसरे को प्रोत्साहित करते हैं
  • एक-दूसरे की पसंद और शौक़ का सम्मान करते हैं
  • पैसों और फ़ैसलों की ज़िम्मेदारी बाँटते हैं

अगर आपको चेतावनी संकेत दिखें, तो उन्हें नज़रअंदाज़ न करें। कभी-कभी साथी कह सकता है कि यह व्यवहार “प्यार” या “परवाह” दिखाने का तरीक़ा है। कई बार इन्हें आपके समाज, धर्म या संस्कृति में सामान्य भी माना जाता है, जिससे इन्हें पहचानना मुश्किल हो सकता है। लेकिन याद रखिए, हिंसा के कई संकेत अलग-अलग परिस्थितियों में मिलते-जुलते होते हैं।



अपने आप से पूछें: क्या आपका साथी…

  • बार-बार फ़ोन करता है या लगातार मैसेज करता है?
  • दोस्तों के साथ समय बिताने पर आपको गिल्टी महसूस कराता है?
  • जलन या शक करता है, बहुत काबू करने की कोशिश करता है?
  • आपके कपड़ों या रूप-रंग पर रोक-टोक करता है?
  • आपके परिवार या दोस्तों से मिलने से रोकता है?
  • कभी बहुत प्यार जताता है और कभी गुस्से या हिंसा में बदल जाता है?
  • आपकी आलोचना करता है, आपको छोटा महसूस कराता है या कहता है कि आप हमेशा ग़लत हैं?
  • अपनी समस्याओं के लिए आपको दोष देता है?
  • आपकी ज़रूरतों और सीमाओं की अनदेखी करता है?
  • धमकी देता है कि वह आपको, आपके प्रियजनों या ख़ुद को नुक़सान पहुँचाएगा?
  • क्या आप अक्सर डरी, परेशान या असहज महसूस करती हैं?
  • क्या उसने आपको कभी धक्का दिया, मारा, गला दबाया या शारीरिक चोट पहुँचाई?
  • क्या वह आपको सेक्स के लिए दबाव डालता है या आपकी मरज़ी के बिना शारीरिक संबंध बनाता है?

उलझन महसूस करना ठीक है। जब आपको लगे कि आप तैयार हैं, आप एक सुरक्षा योजना (safety plan) बना सकती हैं, किसी भरोसेमंद इंसान से बात कर सकती हैं, या किसी सहायक सेवा से जुड़ सकती हैं। आपको ऐसे किसी से बात करने का हक़ है, जो बिना जज किए आपकी सुने और आपके विकल्प समझने में मदद करे।

अपने आप से पूछें: क्या मेरा साथी…

  • प्यार को भरोसे की बजाय काबू और नज़र रखने जैसा बना देता है?
      • बार-बार फ़ोन या मैसेज करता है?
      • दोस्तों से मिलने पर मुझे गिल्टी महसूस कराता है या रोकता है?
      • जलन और शक करता है?
      • मेरे कपड़े या रूप-रंग पर काबू करता है?
      • पैसों और फ़ैसलों से मुझे बाहर रखता है और सब कुछ ख़ुद तय करता है?
  • मुझे छोटा, डरी या अनदेखा महसूस कराता है?
      • मेरी आलोचना करता है, या मुझे ग़लत ठहराता है?
      • अपनी समस्याओं के लिए मुझे दोष देता है?
      • मेरी ज़रूरतों या सीमाओं को नज़रअंदाज़ करता है?
  • मुझे अलग-थलग करता है या manipulate करता है?
      • मुझे अपनों से मिलने से रोकता है?
      • मुझे निर्भर और अकेला महसूस कराता है?
      • मुझे छोड़ने से रोकने के लिए ख़ुद को नुक़सान पहुँचाने की धमकी देता है?
  • कभी बहुत प्यार जताता है और कभी अचानक गुस्से या हिंसा पर उतर आता है?
      • मुझे असुरक्षित, डरी या परेशान महसूस कराता है?
      • मुझे या दूसरों को चोट पहुँचाने की धमकी देता है?
  • शारीरिक या यौन हिंसा करता है?
    • धक्का देता है, मारता है, गला दबाता है या चोट पहुँचाता है?
    • सेक्स के लिए दबाव डालता है या मेरी मरज़ी की अनदेखी करता है?



अगर आपने इनमें से किसी सवाल का जवाब “हाँ” में दिया है, तो याद रखिए: हिंसा कभी आपकी ग़लती नहीं है।आप अकेली नहीं हैं।सहारा और मदद उपलब्ध है।