If you or someone you care about is experiencing abuse, involving the police might feel like an important step. Police action may be life-saving or help connect you to protection and support.
क़ानून साथ होने के बावजूद, पुलिस से मदद लेना कई बार धीमा और मुश्किल लग सकता है। कभी-कभी इसमें डर, दबाव या पार्टनर की धमकियाँ और बदले की कोशिशें भी शामिल होती हैं। ऐसे में आपको लग सकता है कि शिकायत वापस ले लूँ, समझौता कर लूँ या चुप रहूँ। यह भी ठीक है — आपकी सुरक्षा सबसे पहले है। मदद लेना आप तभी करें जब आप तैयार और सुरक्षित महसूस करें।
यह सामान्य है कि आपको डर लगे, असमंजस हो या यह सोचें कि लोग आप पर यक़ीन नहीं करेंगे या आपको ग़लत समझेंगे। लेकिन याद रखिए, डर या ग़लत समझे जाने का डर, आपकी ग़लती मानने जैसा नहीं है।
अगर आप किसी दोस्त या अपने किसी करीबी के लिए चिंतित हैं, तो बिना दबाव डाले उनकी बात सुनें। हो सकता है वे अभी पुलिस को शामिल करने के लिए तैयार या सुरक्षित न हों। उनकी पसंद और सीमाओं का सम्मान करें। आपका भरोसा और सहारा उनके लिए बहुत मायने रखता है।
उम्मीद रखें कि पुलिस फ़ॉलो-अप करेगी। वे आपके घर आ सकते हैं या FIR दर्ज करने से पहले और सवाल पूछ सकते हैं, या आपका मामला Crime Against Women (CAW) सेल को भेज सकते हैं।
अदालती प्रक्रिया: मामला कोर्ट तक जा सकता है — आपराधिक (criminal) या सिविल (civil) केस के रूप में, यह स्थिति पर निर्भर करता है।
आप चाहें तो इन सवालों का जवाब न दें। ऐसे सवाल आपको ग़लत ठहराने या नज़रअंदाज़ करने जैसे लग सकते हैं, लेकिन आपका अनुभव सच और सही है — चाहे आप कब भी बोलें या आपके पास सबूत हों या न हों।
हिंसा कभी आपकी ग़लती नहीं है। आपके पास सुरक्षा और सहारे का पूरा हक़ है।