हिंसक रिश्ते में फ़ैसले लेने का कोई एक सही तरीक़ा नहीं होता। सबसे ज़रूरी है कि आप अपनी गति से आगे बढ़ें और इस वक़्त आपके लिए जो सुरक्षित लगे, उसी पर ध्यान दें।
हिंसक रिश्ते में कोई भी फ़ैसला लेना आसान या तुरंत किया जाने वाला नहीं होता। यह अक्सर एक चलती रहने वाली प्रक्रिया होती है। कुछ लोगों के लिए इसका मतलब हो सकता है — पार्टनर के साथ रहते हुए भी अपनी सुरक्षा की योजना बनाना। दूसरों के लिए इसका मतलब हो सकता है — रिश्ता छोड़ने की तैयारी करना, या छोटे-छोटे क़दम उठाना, जब उन्हें सही वक़्त लगे। हर रास्ते में जोखिम होते हैं, और बहुत से लोगों के लिए छोड़ने का समय सबसे असुरक्षित हो सकता है। उलझन, डर या दुविधा महसूस करना बिल्कुल सामान्य है। सबसे ज़रूरी यह है कि अभी आपके लिए क्या सुरक्षित और संभव लगता है। सही सहारा और सुरक्षित रास्ता ढूँढने में समय लग सकता है।
हिंसक रिश्ते में कोई भी फ़ैसला लेना आसान या तुरंत किया जाने वाला नहीं होता। यह अक्सर एक चलती रहने वाली प्रक्रिया होती है। कुछ लोगों के लिए इसका मतलब हो सकता है — पार्टनर के साथ रहते हुए भी अपनी सुरक्षा की योजना बनाना। दूसरों के लिए इसका मतलब हो सकता है — रिश्ता छोड़ने की तैयारी करना, या छोटे-छोटे क़दम उठाना, जब उन्हें सही वक़्त लगे। हर रास्ते में जोखिम होते हैं, और बहुत से लोगों के लिए छोड़ने का समय सबसे असुरक्षित हो सकता है। उलझन, डर या दुविधा महसूस करना बिल्कुल सामान्य है। सबसे ज़रूरी यह है कि अभी आपके लिए क्या सुरक्षित और संभव लगता है। सही सहारा और सुरक्षित रास्ता ढूँढने में समय लग सकता है।