हिंसक रिश्ते में रहते हुए सुरक्षा की तैयारी

घर या अपने पार्टनर को छोड़ना हमेशा आसान या मुमकिन नहीं होता।

 

ऐसे समय में यह सोचना ज़रूरी है कि जब आपका पार्टनर हिंसक हो, तो आप अपनी सुरक्षा कैसे संभाल सकती हैं। इसे ही सुरक्षा का तरीका (safety planning) कहा जाता है। 

 

इसके बारे में और जानने के लिए नीचे दिए गए गाइड को देख सकती हैं।

एक अच्छी सुरक्षा योजना समय और हालात के साथ बदलती रहती है। इसमें सिर्फ़ शारीरिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि भावनात्मक सुरक्षा और भलाई भी शामिल होती है। इसमें उलझी हुई भावनाओं से निपटना, भरोसेमंद लोगों और सेवाओं का सहारा बनाना, और ज़रूरत पड़ने पर पुलिस या कानूनी मदद लेना भी शामिल हो सकता है। आप यह योजना अपने दम पर बना सकती/सकते हैं या किसी भरोसेमंद इंसान के साथ मिलकर भी।

अगर आप सोच रही हैं कि रिश्ते में रहना है या छोड़ना है, तो याद रखें — आप अकेली नहीं हैं। उलझन, डर या असमंजस महसूस करना बिल्कुल सामान्य है।
कभी आपको लगेगा कि चीज़ें बदल जाएँगी, या डर होगा कि अगर पार्टनर को पता चला तो उनका व्यवहार कैसा होगा। कुछ दिनों में आपको तुरंत दूर जाने का मन होगा, और कुछ दिनों आप रुकने का सोच सकती हैं। ये सारी भावनाएँ बिल्कुल मान्य हैं।

लेकिन याद रखें: हिंसा की वजह आप नहीं हैं। और रिश्ते में बने रहना कमजोरी नहीं है। अपराधी का व्यवहार उसकी ज़िम्मेदारी है, आपकी नहीं।






बहुत से लोग पूछते हैं — “क्यों नहीं बस छोड़ देती?” लेकिन अगर आप ऐसे रिश्ते में हैं, तो आप जानती हैं कि यह इतना आसान नहीं होता। किसी हिंसक पार्टनर को छोड़ना बहुत मुश्किल फ़ैसला होता है, और तब और कठिन जब आपको दोस्तों-परिवार से अलग कर दिया गया हो, आर्थिक नियंत्रण हो, या लगातार धमकियाँ मिल रही हों।

सबसे अहम है आपकी सुरक्षा और वही रास्ता चुनना जो इस समय आपके लिए संभव और सुरक्षित लगे।

मदद हमेशा उपलब्ध है, जब भी आप तैयार हों। इसमें शामिल हो सकता है — हेल्पलाइन पर कॉल करना, काउंसलर से बात करना, सुरक्षित जगह पाना, या कानूनी विकल्पों की तलाश करना।

आपको यह सब अकेले नहीं करना है।