हेल्पलाइन से मदद लेने से पहले क्या जानना ज़रूरी है?

 हेल्पलाइन पर कॉल करने पर मुझे क्या मिल सकता है?

हेल्पलाइन बिना किसी जजमेंट के आपकी बात सुनने और सहारा देने के लिए हमेशा उपलब्ध हैं। अगर आप घबराई हुई हैं, असमंजस में हैं, या बस किसी से बात करना चाहती हैं, तो आप जिस तरह सुरक्षित महसूस करें, उसी तरह संपर्क कर सकती हैं।

सबसे पहले अपनी सुरक्षा के बारे में सोचें।
अगर आप किसी साझा (shared) डिवाइस या नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही हैं, तो यह जानना ज़रूरी है कि कैसे सुरक्षित रहें — चाहे आप SMS, फ़ोन कॉल या ऑनलाइन चैट (online chat) का इस्तेमाल करें। कोशिश करें प्राइवेट ब्राउज़िंग विंडो (private browsing window) का उपयोग करने की, अपने सर्च हिस्ट्री को साफ़ करने की, और अकाउंट्स से लॉगआउट करने की।
अगर आपको चिंता है कि कोई आपके डिवाइस पर नज़र रख रहा है, तो जहाँ तक संभव हो, ऐसा डिवाइस इस्तेमाल करें जिस तक उनका पहुँचना न हो — जैसे किसी दोस्त या पड़ोसी का।

थोड़ा घबराना स्वाभाविक है । घरेलू, पारिवारिक या यौन हिंसा के बारे में बात करना भारी लग सकता है। आपको उलझन, डर या यह समझ न आना कि कहाँ से शुरू करें — ऐसा महसूस होना बिल्कुल सामान्य है।

हेल्पलाइन आपको मुफ़्त और गोपनीय सहायता देती हैं, जब भी आप तैयार हों — फ़ोन, मैसेज, चैट या वीडियो के ज़रिए। यहाँ कोई आपको बिना गलत समझे सुनेगा, आपके फैसलों का सम्मान करेगा, और आपके लिए सुरक्षित अगले क़दम सोचने में मदद करेगा।

हर सेवा की नीतियाँ अलग हो सकती हैं, लेकिन नीचे दी गई जानकारी आपको यह समझने के लिए एक सामान्य मार्गदर्शिका है कि हेल्पलाइन से बात करते समय क्या उम्मीद की जा सकती है।

हाँ। हेल्पलाइन उन सभी के लिए है जिन्होंने घरेलू, पारिवारिक या यौन हिंसा का अनुभव किया है, या कर रहे हैं, या फिर जो किसी और की सुरक्षा के बारे में चिंतित हैं।
दोस्त, परिवार के सदस्य, पड़ोसी या सहकर्मी भी कॉल कर सकते हैं ताकि वे जान सकें कि सुरक्षित तरीक़े से मदद कैसे करें।

आप फिर भी हेल्पलाइन से संपर्क कर सकती हैं। काउंसलर आपकी बात सुनेगा, आप पर विश्वास करेगा और आपके लिए सुरक्षित विकल्पों के बारे में मदद करेगा।
कानून के मुताबिक़, अगर हिंसा या लापरवाही (neglect) का ख़तरा है, तो उन्हें आपकी जानकारी बाल संरक्षण सेवाओं के साथ साझा करनी पड़ सकती है। ये सब आपकी सुरक्षा और सही मदद तक पहुँचाने के लिए किया जाता है।

चाहे आप फ़ोन, मैसेज, चैट या वीडियो कॉल से जुड़ें — आपका संदेश ऐसे व्यक्ति तक पहुँचेगा जो:

  • घरेलू और यौन हिंसा को समझता है
  • जानता है कि इस बारे में बात करना कितना मुश्किल है
  • आपको बिना गलत समझे सुनेगा और आप पर विश्वास करेगा
  • यह मानता है कि आप अपनी स्थिति को सबसे अच्छी तरह जानती हैं
  • आपके लिए सही महसूस होने वाले विकल्पों को तलाशने और मदद से जोड़ने में सहायता करेगा

आप एक प्रशिक्षित काउंसलर या सपोर्ट वर्कर से बात करेंगी। बातचीत कुछ मिनट से लेकर एक घंटे तक चल सकती है — यह इस पर निर्भर करेगा कि आप कितना साझा करना चाहती हैं और आपको किस तरह की मदद चाहिए।

नहीं। आप चाहें तो नाम बताए बिना रह सकती हैं या कोई और नाम इस्तेमाल कर सकती हैं अगर आपको यह ज़्यादा सुरक्षित लगे।

आपसे पूछा जाएगा कि आप अभी या पहले किन हालात से गुज़र रही हैं। आप जितना ठीक लगे उतना ही बताएँ। जितनी जानकारी आप देंगी, उतनी ही अच्छी तरह वे आपकी मदद कर पाएँगे — जैसे सुरक्षा योजना बनाने में, सहारा और समझ देने में, या भरोसेमंद सेवाओं तक पहुँचाने में।


वे आपकी स्थिति को बेहतर समझने के लिए सवाल कर सकते हैं — जैसे आपकी उम्र, लिंग, लोकेशन, आपने किस तरह की हिंसा का अनुभव किया है, आप कितनी सुरक्षित महसूस करती हैं, इस समय आपको क्या चाहिए, या क्या और लोग भी ख़तरे में हैं।अगर कोई सवाल आपको असहज करे, तो उसका जवाब देना ज़रूरी नहीं है।

बहुत से लोग अपनी स्थिति को लेकर उलझन महसूस करते हैं। आपको पूरी तरह यक़ीन होने की ज़रूरत नहीं है। आप फिर भी कॉल कर सकती हैं और अपनी बात कर सकती हैं।
काउंसलर आपकी मदद करेगा हालात समझने में — बिना गलत समझे।

कुछ हेल्पलाइन गोपनीय रिकॉर्ड रखती हैं ताकि अगर आप दोबारा कॉल करें तो बार-बार अपनी कहानी न दोहरानी पड़े।
कुछ सेवाएँ (जैसे Shakti Shalini) ऐसे विकल्प देती हैं जहाँ कोई भी जानकारी दर्ज नहीं की जाती। आप कॉल करते समय उनसे उनकी नीति पूछ सकती हैं।

हाँ। आपकी बातचीत गोपनीय है। आपकी जानकारी केवल तब साझा की जाएगी जब:

  • आप अनुमति दें
  • आपकी या किसी और की ज़िंदगी को तात्कालिक ख़तरा हो
  • बच्चे के साथ हिंसा या लापरवाही का ख़तरा हो (क़ानून के अनुसार)

हेल्पलाइन आपको अलग-अलग तरीक़ों से सहयोग कर सकती हैं। इसमें शामिल हो सकता है:

  • आपकी भावनाओं और स्थिति पर बात करना, हिंसक व्यवहार पहचानने में मदद करना, और आपकी सुरक्षा व भलाई बढ़ाने के लिए सुझाव देना
  • आपके अधिकारों और कानून में उपलब्ध सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी साझा करना
    (ज़्यादातर हेल्पलाइन कानूनी जानकारी देती हैं, लेकिन औपचारिक कानूनी सलाह के लिए आपको वकील से मिलना होगा)
  • आपको भरोसेमंद सेवाओं से जोड़ना — जैसे क़ानूनी मदद, रहने के लिए सुरक्षित जगह, या मन की सेहत से जुड़ी मदद।
  • मानसिक स्वास्थ्य या मेडिकल सेवाओं तक जोड़ना, जिसमें सस्ती और मुफ़्त सेवाएँ भी शामिल हैं

यह भी ठीक है। हेल्पलाइन से संपर्क करने के लिए आपका पार्टनर छोड़ने के लिए तैयार होना ज़रूरी नहीं है।
आप फिर भी किसी से बात कर सकती हैं, अपने विकल्पों के बारे में सोच सकती हैं, और अपनी सुरक्षा योजना अपने हिसाब से बना सकती हैं।